Hindi Blogs, Best Indian Blog

Feedback

Jagran Junction Feedback

1 Posts

588 comments

Feedback


Sort by:

Feedback – पुनर्निवेश

Posted On: 2 Feb, 2010  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (20 votes, average: 3.95 out of 5)
Loading ... Loading ...

जनरल डब्बा टेक्नोलोजी टी टी में

588 Comments

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

                                                          नरेगा एवं मनरेगा का सच मनरेगा ने जहाँ गाँव के मजदूरों के जीवन यापन का सिम्बल बना है वहीं गरीब किसानो को आत्म हत्या के लिए मजबूर किया है। गाँव में विकास के नाम पर हर बार एक ही सड़क/चकरोड को ग्राम पंचायत खण्ड विकास जिला पंचायत के द्वारा हर वर्ष बनाया जाता है जिसमें सड़क/चकरोड के किनारे पर उगी फसल से मिट्टी खोद कर सड़क पर डाली जाती है, इससे मजदूरों को तो रोजगार अवश्य मिलता है लेकिन बेचारे किसान की फसल नष्ट कर दी जाती है। उन गड्ढों को पाटने के लिए किसान को मजदूरी पर समतल कराने में हजारों रूपये अनावश्यक खर्च करने पड़ते है। इस प्रकार किसान कर्ज के बोझ से दब जाता है। और आत्म हत्या के लिए मजबूर हो जाता है। इसका ताजा उदाहरण छत्रपति शाहू जी महराज नगर जिले के तिलोई विधान सभा के बेहटा मुर्तजा ग्राम पंचायत का है जहाँ भरी फसल को नष्ट कर चकरोड बनाया जा रहा है। चकरोड खसरा संख्या 144 अ एवं खाता संख्या 00404 के पश्चिम से होकर जाता है। क्या कोई सरकार इस प्रकार का कानून बनाएगी कि किसान के खेत से चकरोट बनाने के लिए मिट्टी नही ली जाएगी और फसल को नष्ट होने से बचाएगी ताकी किसानो के साथ हो रहे इस अत्याचार को रोका जा सके।                                                                                                                   आशुतोष कुमार मौर्य 1881/11                                                                                                                           राम जी पुरम्,                                                                                                                   मलिक मऊ आइमा,                                                                                                                            रायबरेली,

के द्वारा: Ashutosh Kumar

सम्मानित जागरण जंक्शन की सम्पादकीय टीम को बहुत-२ बधाई कि आप को लगातार व्यस्त रहकर इस पेचीदा काम को करना पड़ता है कि किस ब्लॉग को अपने पोर्टल पर क्या स्थान दें| मैं जानता हूँ कि आप लोग इस कठिन काम को कर रहे हैं लेकिन यकीन मानिए कि हम भी उतनी ही मेहनत से अपने व्यस्त समय से रात-२ समय निकाल कर लेख लिखते हैं| दिनभर नौकरी में व्यस्त रहकर रात-रात जागकर लेख लिखना भी कोई कम कठिन काम नहीं है| पर उद्देश्य कोई पुरस्कार नहीं बस मात्र जागरूकता का प्रसार करना है| आपने मेरे ब्लॉग "क्या इस देश का वोटर गधा है"  को फीचर्ड कैटेगरी में स्थान तो दिया लेकिन बस चंद मिनटों का| ये फीचर्ड से यूं गायब हुआ जैसे कि गधे के सर से सींग| चुनाव का समय है और मैं चाहता था कि इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ें और ये तभी संभव हो सकता था कि कुछ समय तक यह फीचर्ड कैटेगरी में रहता| आपसे बस यही गुजारिश है कि यदि आप को ठीक लगे तो कृपया इसे लोगों को ठीक से पढ़ने का मौका तो दें| धन्यवाद| धन्यवाद|
माननीय जागरण जंक्सन परिवार को मेरी ओर से हार्दिक आभार जो, न सिर्फ मेरी शंकाओं का समाधान किया अपितु तत्काल ही इस ओर ध्यान देकर हमारे मंच के कल्प्नावादी साथियों की रचनाओ को स्थान भी दिया ! और आपकी ये बात पढ़कर अत्यधिक प्रसन्नता हुई की जबसे मैंने अखबार का वह विशेष खंड देखना आरंभ किया था जहाँ जे जे मंच के साथियों के ब्लोगांश प्रकाशित होते हैं वहां किसी भी काव्यात्मक / सृजनात्मक रचना को न पाना एक संयोग मात्र था, जागरण की कोई नीति नहीं ! क्योंकि संयोग कभी न कभी ख़त्म होते हैं किन्तु यदि कोई नीति बना ली जाए तो उसे प्रभावित करना न ही हमारे वश मैं है न ही हमारा मंतव्य है ! मुझे सही – सही अंदाजा नहीं किन्तु जे जे पर प्रतिदिन 100 से ज्यादा ब्लॉग पोस्ट किये जाते हैं ऐसे मैं किन्ही 2 ब्लोग्स का चुनाव अपने आप मैं काफी मुश्किल है ये बात मैं भली भांति समझता हूँ, इसलिए मैंने लगातार 10 दिनों तक इस बात पर गौर किया, और उसके बाद भी लेख लिखने से पहले एक बार फिर से वह अखबार एकत्र कर उनका अवलोकन किया ! तब मुझे यह संयोग थोडा अजीब लगा और प्रश्न उठे की कहीं ये संयोग इतना लम्बा न हो जाए की ये एक प्रथा बन जाए और ये प्रथा किसी ऐसी नीति का रूप ले ले जिससे इस मंच की एक विद्या विशेष प्रभावित हो ! अत अपने मन मैं उत्पन्न शंकाओं / प्रश्नों को आलेख का रूप दिया, मैं इस आलेख के माध्यम से सिर्फ यही कहना चाहता था की प्रकाशन से पहले रचना / आलेख की गुणवत्ता देखी जाए न की उसका विषय या ब्लोगर का नाम ! और मंच के और साथियों के विचारों के संबल से इस आलेख के सकारात्मक परिणाम निकले यह सबसे उज्जवल पहलू रहा ! मैं पूरी जागरण जंक्सन परिवार का ह्रदय से आभारी हूँ जो उन्होंने इस ओर पूरी तत्परता से ध्यान दिया ! आशा है आगे भी मंच पर आने वाली किन्ही भी समस्याओं का निदान यों ही होता रहेगा और मंच और मंच पर लिखने वालों का विश्वास एक दूसरे के प्रति यों ही बरक़रार रहेगा ! समस्त जागरण परिवार को मेरी ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

के द्वारा: allrounder

आदरणीय ऑलराउंडर जी, जागरण जंक्शन मंच ने कभी भी अपनी नीति के अंतर्गत इस बात को नहीं जाहिर किया कि दैनिक जागरण संपादकीय पृष्ठ पर किस कैटगरी की ब्लॉग रचनाएं प्रकाशित की जाएंगी. सामान्यतः किसी भी श्रेणी की कोई भी उत्कृष्ट रचना प्रकाशित हो सकती है. ये मात्र संयोग की बात है कि जब से आपने इस विशेष खंड को देखना आरंभ किया तो आपको केवल सामाजिक-राजनैतिक या समसामयिक विषय ही प्रकाशित होते दिखाई पड़े. किंतु फिर भी इस ओर ध्यानाकर्षित करने के लिए आभार. भविष्य में भी काव्य या व्यंग्य जैसी श्रेणी की रचनाएं दैनिक जागरण संपादकीय पृष्ठ पर सुशोभित होती रहेंगी. जागरण जंक्शन पर ब्लॉगिंग के लिए आपका आभार. धन्यवाद जागरण जंक्शन परिवार

के द्वारा: Feedback

पहला ब्लॉग पोस्ट करने के पहले मैं सम्मानित जागरण को धन्यवाद देना चाहता था. प्रोटोकॉल के चक्कर में फंस गया. खैर अब मौका मिला है . मैं लखनऊ में इस के प्रकाशन के समय से नियमित पाठक हूँ. जीवन के हर क्षेत्र के सन्दर्भ में प्रकाशित जानकारी हर वर्ग के लिए उपयोगी और संग्रहणीय है. मुझे भी तलाश थी ऐसे सम्मानित प्लेटफार्म की. जागरण के विज्ञापन से मुझे मौका मिला . इस समूह की विशेषता को देखते हुए लेखन के स्टार को ऊँचा रखने का प्रयास किया जायेगा. इस समूह से हमें भी अपेक्षा हैं की गैर स्थापित लेखको को प्रोत्साहित एवं मार्ग दर्शन प्रदान करने की कृपा करें. जागरण JUNCTION के नए लेखकों को अपनी समस्या किसे बतानी है भी सूचित करने का कष्ट करें .

के द्वारा: pradeep kumar singh kushwaha

के द्वारा: Rammanohar tiwari

मान्यवर, जागरण जंक्शन निश्चित ही एक बहुत बड़ा मंच है, एवं लेखकों के लिए एक अद्भुत अवसर है. किन्तु, क्या आपको ऐसा नहीं लगता, की आधुनिक तकनीकी-कौशल के युग में, यह मंच कुछ कमतर है? इस साईट का कलेवर, और साथ-साथ प्रयोग की रीति इतनी उच्च-कोटि की नहीं है, जितनी समकालीन अन्य प्रचलित एवं लोकप्रिय माध्यमों की. यदि जागरण जंक्शन अपने तकनीकी कौशल में सुधार करने पर विचार करे, तो न केवल इसके साथ जुड़े लेखकों हेतु सरल हो जायेगा, अपितु भारी संख्या में नए आगंतुकों की भी प्राप्ति हो पायेगी. बाकी सब बातों के साथ, ये भी देखें, की जिस तरह यहाँ कमेन्ट करने की प्रक्रिया इतनी जटिल है, हर एक बार एंटी-स्पाम का परिचय देना उबाऊ भी होता है, एवं समय भी खराब होता है. क्यों नहीं आप इसका सरलीकरण करते. इसके अलावा, हर एक प्रोफाइल के साथ जुडी सूचनाएं भी प्राप्त होने का अवसर हो, तो ब्लॉगिंग कितनी मनोरंजक हो जाए. अब तक की यात्रा यहाँ बहुत मनोरंजक रही है. यदि इस प्रकार के नव-परिवर्तन जुड़ जाएँ, तो ये परिणाम और भी सुखद हो जाएँ. मुझे आशा है, की आप इस पर अवश्य दृष्टिपात भी करेंगे, एवं विचार भी.. धन्यवाद.
निर्धन समाज पार्टी का घोस्णा पत्र पन्जिक्रित करेन्सी सन्सार से निर्धनन्ता, भ्रिस्टाचार, अपराध तथा आलस्य का जड से विनाश करने का एक मूल मन्त्र है! ईससे सम्पूर्ण सन्सार का विकास होगा . लेकिन ईसे दुनिया के समस्त देशौ को स्वीकार करना पडेगा तथा पन्जिक्रित पुन्जी को परिचलन मे लाना पडेगा तभी भुख्मरी, गरीबी,भ्रिसटाचार, अपराध व आलश्य से छुट्कारा पाया जा सकता है. लोकपाल, लोकायुक्त या कडे से भी कडा कानून पुरी तरह से समाज से करप्शन व क्राईम को समाप्त नही कर सकता. ईसे रोकने हेतु दुनिया के किसि न किसि देश को आगे आ कर पन्जिक्रित पुन्जी के परिचालन को शुरू करना पडेगा. करन्शी का परिवर्तित रुप " नोट कि जगह पर बॆक से जारी की गयी करन्सी पर खाता धारक नाम व नम्बर को लिख कर ्नोट के मात्र सन्चालन के द्वारा करप्शन व अपराध से एक साथ छुट्कारा मिल जायेगा. १९९३ मे उत्तर प्रदेश मे जन्मी निर्धन समाज पाट्री ने सभी प्रान्तौ मे होने वाले लोकसभा चुनाव मे अपने प्रत्यासी उतारने का निर्णय लिया है. सरकार बनते ही देश से रुपये के परिचलन को निरस्त कर रजिस्टर्ड करन्सी लागू करेगी. काला धन के वापस लाने वालो पर कोयी मुकदमा नही चलेगा और ना हि कोयी टैक्स वसूला जयेगा. पार्टी ने घोस्णा पत्र मे पन्जिक्रित पुन्जी के प्रचलन को सरकार बनते ही लागू करने का वादा किया तथा वर्तमान मे चल रहे रुपये को बन्द कर बैन्क के द्वारा सीधे खाता धारक के डीमन्ड के अनुसार करन्सी जारी कर देश से करपशन व अपराध मुक्त शासन की स्थापना करने का निर्णय लिया है. पार्टी के रास्ट्रीय कैम कार्यालय ईलिस बाजार, कानपुर महानागर, उत्तर प्रदेश मे पार्टी के रास्ट्रीय पमूख ईकवाल सिद्दीकी उप्स्थिति मे पार्टी की रास्ट्रीय समिति के समस्त सदस्यॊ ने एक स्वर मे पार्टी के घोसणा पत्र जारी कर विधान सभा के चुनाव मे पाचो प्रान्तो मे प्रत्यासी उतारने का निर्णय लेते हुऎ महारास्ट्र के सन्योजक श्री उदय बागणे, उत्तराखण्ड के श्री य़शवन्त सिन्ह नेगी, झारखन्ड के श्री नीरज कछवाहा, ऒडिसा के श्री आनिरुध्द स्वाई, आन्ध्र प्रदेश के डा. नरेन्द्र भल्ला व लकछमन राव को प्रदेश स्तर पर समितिया’ बनाने का निर्धेस दिया. रूपया समाज मे ब्याप्त समस्त बिमारियो का कारण है. रूपये के रूप को परिवर्तित कर समाज मे अराजकता, भ्रिस्टाचा्री, भय, चोरी, डकैती, लूट व आलस्य को जड से मिटाया जायेगा. युरो, डालर, पोण्ड्स, लीरा, दिनार, टका, येन आदि के रूप को भी बदल जाने से समस्त विश्व को ईन बिमारियो को निजात दिलाया जा सकता. निर्धन समाज पाट्री के एक सुत्रीय मुद्दे को सन्सार मे अन्तर रास्ट्रीय पहिचान मिल रही है. वीरेन्द्र तोमर, रास्ट्रीय महा सचिव ३७/४२, गिलिश बज़ार, कानपुर निर्धन समाज पार्टी, उत्तर प्रदेश, भारत, E-mail: nirdhansamajparty@gmail.com, Mobile :+91-94154 78524

के द्वारा: Nirdhan samaj party

जागरण जंक्शन टीम, नमस्कार मैंने आज से १२ दिन पहले एक समस्या के निवारण हेतु आपसे अनुरोध किया था लेकिन १२ दिन बीतने के बाद भी न तो मेरी समस्या का समाधान हुआ और न ही आपकी तरफ से कोई उत्तर प्राप्त हुआ जिसकी वजह से मै न चाहते हुए एक बार फिर शिकायत करना चाहूँगा और और मेरी समस्या का अविलम्ब समाधान भी चाहूँगा..और एक बात ही जिसकी वजह से मै अपने साथ भेदभाव महसूस कर रहा हूँ..मैंने इस हफ्ते के फोरम के विषय ``ऑनर किलिंग" के ऊपर एक लेख लिखा जो कि फीचर्ड होना तो छोडिये जागरण जंक्शन वेबसाइट के मुख्या पृष्ठ पर भी अन्य ब्लोगर्स द्वारा सिर्फ विज्ञापन नुमा लेख पोस्ट करने कि वजह से नहीं रह पाया...बड़ा दुःख होता है जब इतनी महनत करने के बावजूद ऐसा होता है..आज मै फिर उसी लेख को दोबारा पोस्ट करूँगा और आपसे आशा रहेगी कृपया उसे फीचर्ड कर के उसे अन्य ब्लोगर्स तक भी पहुचाये.. धन्यवाद..

के द्वारा: Paarth Dixit

के द्वारा: syeds

आदरणीय JJ टीम ,.सादर अभिवादन मै अपने ब्लॉग के " वेश्यावृत्ति पर कानून ...एक दुधारी तलवार " पर आ रहे स्पैम कमेन्ट से परेशान हूँ,...कल रात को यह लेख ५३ वास्तविक कमेन्ट के साथ ज्यादा चर्चित में ७ वें स्थान पर था ,. मैंने इसमें से १२ कमेन्ट डिलीट किये ताकि अन्य बढ़िया रचना को स्थान मिल सके ,..लेकिन अभी सुबह देखने पर इसी लेख को पहले स्थान पर देख मैं चकित हो गया ,..अपने डैशबोर्ड में देखने पर देखा ५२ स्पैम कमेन्ट आ गए ,..अब फिर डिलीट किया है ,.. ****मेरा कहना है की यह समस्या किसी की शरारत भी हो सकती है ,अतः JJ को इससे निपटने के लिए कारगर कदम उठाने चाहिए ,..कम से कम स्पैम कमेन्ट की गिनती होनी तो बिलकुल गलत है ,....आपसे शीघ्र उचित कदम उठाने की आशा है ,..धन्यवाद

के द्वारा: Santosh Kumar

आदरणीय जागरण जंक्शन प्रमुख नमस्कार ।महोदय, मेरी एक रचना फीर्चड हूई थी जिसका नाम हमारी राजभाषा हिन्दी था। पर मै देख रही हूं कि मएरे ही साथ निशा मित्तल जी की रचना पेड़ बोये बबूल का--- भी फीर्चड की श्रेणी में थी जो अब तक फीचर्ड मे दर्शायी जा रही है पर मेरी हट चुकी है आप कह्ते हैंदो दिन पुरानी पोस्ट हटायी जाती है तो उनकी अब भी द्र्श्य है पर मेरी क्यों नही जबकि मेरी पोस्ट उनके बाद की है।महोद्य आपसे गुजारिश है कि निर्णय आप ही लें पर कुछ नियम फी्चर्ड के स्पष्ट करदें जिससे आपको और ब्लागरोंदोनों को शिकायत का मौका न मिले । मैने इससे पहले भी आपको टिप्पणी से सम्बंन्धित प्रश्न भेजा था जिसका उत्तर अभी तक नही मिला। अभी भी मेरी पहले की रचनाओं के सामने की टिप्पणियां गायब हैं। आशा है मेरी समस्या आप शीघ्र ठीक कर देगें। धन्यवाद् जयहिन्द्।

के द्वारा: sumandubey

आदरणीय जागरण जंक्शन टीम नमस्कार महोदय मै आपके ब्लाग पर सुमन दुबे और ब्लाग नाम जन दर्पण के नाम से रजिस्टर हूं।पर अभी कुछ ही दिन में समस्यायें आने लगी 1- मेरे ब्लाग मे 43 -टिप्पणी दिखा रहा है पर साईट पर खाली 23 शो कर रहा है। 2--समस्या है मुझे पेज ही नही दिखा रहा है पोस्ट मेहनत से लिखने के बाद वह समय पर पोस्ट ही नही हो पाए। 3--समस्या है मेरे पोस्ट के सामने कुछ ब्लाग पर जो टिप्प्णी थी सभी जीरो मे दर्शा रहीं है जब की मेरी एक पोस्ट पर 13-टिप्पणी थी उसमें सिर्फ 7 ही दर्शा रहा है। मुझे तकनीकी जानकारी नही है । मैने कैइ बार टिप्प्णी को अप्रूब किया है पर समस्या का कोई समाधान नही हुआ कुछ टिप्प्णी सप्ताह से पेन्डिग मे पड़ी है कुछ स्पैम में आप सलाह न देकर इसे ठीक करायें । धन्यवाद्। जय हिन्द

के द्वारा: sumandubey

आदरणीय वाहिद काशीवासी जी, किसी भी ब्लॉग को "फीचर करना" या "ना करना" या "कब करना" पूर्ण रूप से संपादकीय विशेषाधिकार के अंतर्गत है. इसलिए कोई भी पाठक ये निर्धारित नहीं कर सकता है कि उसके लिखे आलेख को अनिवार्य रूप से फीचर किया जाए. जब भी कोई रचना मंच पर प्रकाशित होती है तो उसकी गुणवत्ता का आंकलन संपादक मंडल करता है. यदि रचना फीचर करने योग्य पायी जाती है तो उसे अमूमन 2 दिनों के अंदर फीचर की श्रेणी प्रदान की जाती है. जागरण जंक्शन मंच अपने किसी भी पाठक के साथ भेदभाव वाला रवैया नहीं अपनाता है और मंच की सर्वदा यही कोशिश रहती है कि कोई भी प्रशंसनीय रचना उपेक्षित ना रह जाए. आपको ये भी सूचित किया जा रहा है कि आपकी उक्त रचना फीचर योग्य पाए जाने के कारण प्रकाशित होने के अगले दिन फीचर की श्रेणी में शामिल कर दी गई थी. धन्यवाद जागरण जंक्शन परिवार

के द्वारा: Feedback

आदरणीय जेजे संपादक मण्डल....... एक राय लेना चाहता हूँ... क्या कोई ऐसी कटेगरी है जिसमे अपना ब्लॉग डाल कर वो फीचर्ड न हो.... गलती से मेरा एक ब्लॉग फीचर्ड हो गया ..... मैं नहीं चाहता की मेरा कोई भी ब्लॉग फीचर्ड हो..... क्योकि ऐसा हर प्रयास मुझे जेजे से और दूर कर देता है.... क्योंकि कभी जेजे स्पष्टीकरण देता है की फीचर्ड ब्लॉग वो ब्लॉग होते हैं जो मौलिक, रचनातात्मक व चित्र युक्त आदि होते है..... पर कभी मेरे द्वारा किसी अन्य की लिखी कविता को ही प्रस्तुत करने पर उसे फीचर्ड कर देते है...... वो भी मात्र 6 से 8 घंटे के लिए........ कृपया कुछ इस तरह की केटेगरी बनाएँ....... ताकि हम जैसे विद्रोही लोगों को इस तरह शांत करने के प्रयास शुरू होने से पूर्व ही समाप्त हो जाएँ............

के द्वारा: पीयूष पंत

माननीय जंक्शन परिवार, आपने अति विलम्ब से मुझे एक आश्वासन दिया था परन्तु आपने उसे भी पूर्ण नहीं किया है| मैंने जो समस्या बताई थी वो तकनीकी तो कदापि नहीं थी पर फिर भी यदि थी तो आपकी वह समस्या अब तक दूर नहीं है और मेरे साधारण स्तर से भी निम्न स्तर की रचनाएँ 'फ़ीचर्ड श्रेणी' में बेरोकटोक सज रही हैं जबकि मेरा कोई पुरसाहाल नहीं| आपसे एक अंतिम आशा रखते हुए अंतिम अनुरोध कर रहा हूँ कि यथा शीघ्र त्वरित कार्यवाही करें और समुचित उत्तर दें| क्या मेरी रचनाओं को फ़ीचर्ड न करने का अनुरोध आपने सहर्ष स्वीकार कर लिया है यदि ऐसा भी है तो कृपया सूचित करने का कष्ट करें ताकि मुझे किसी असमंजसपूर्ण स्थिति का सामना न करना पड़े और सब कुछ दर्पण की भांति साफ़ हो| साभार,

के द्वारा: वाहिद काशीवासी

के द्वारा: abcxxx

आदरणीय महोदय, जागरण जंक्शन पर कुछ ब्लोगर्स एक दिन में कई-कई ब्लॉग अपलोड कर देते हैं. इस कारन कई अपेक्षाकृत उपयोगी ब्लॉग दूसरे पेज पर चले जाते हैं. और ये तो सर्व विदित है की पहले पेज पर पाठकों की दृष्टी सर्वाधिक पढ़ती है. इसी प्रकार दो दिन में ब्लॉग कई पेज पीछे चला जाता है. मैं इस बारे में ऐसे ब्लोगर्स के ब्लॉग पर प्रतिक्रिया में इस प्रकार का निवेदन कर चुका हूँ, किन्तु कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. कृपया कुछ इस प्रकार किया जाये, की एक ब्लोगर का केवल एक पोस्ट ही एक दिन में पब्लिश हो, जिससे सभी को मौका मिलेगा. आज 2 जुलाई को... M B A का कवि (श्री सर्वेश मिश्र) द्वारा दो ब्लॉग दिए गए है, जबकि कल 1 जुलाई को भी सात (7 ) ब्लॉग दिए गए थे. इसी प्रकार आप देखे तो कई ब्लोगर हैं जो फुर्सत में बैठ कर एक दिन में 4 -5 पंक्तियों के कई-कई ब्लॉग लिख देते हैं..... जो अन्यों के साथ अन्याय है..... कृपया इस समस्या के समाधान हेतु कार्रवाई करने का कष्ट करे. आदित्य www.aditya.jagranjunction.com

के द्वारा: aditya

आदरनीय महोदय स्पेस आवंटित करने हेतु आभार,परन्तु आपके द्वारा बताया गया दूसरा समाधान मुझसे नहीं हो पा रहा है.जैसा की मैंने लिखा था कि मेरे नाम से एक पृष्ठ स्वयमेव बन गया है,जिस पर ब्लॉग का नाम आदि वही है,परन्तु वह ० पोस्ट ओ कमेन्ट दिखता है,तथा दूसरा जो खुल नहीं रहा उसमें पोस्ट ८० व पूरे कमेन्ट दिखा रहा है.सारी समस्या वहीँ है,मैंने अभी आलेख प्रकाशित किया जो मेरे मैं पेज पर आगया परन्तु न होम पेज पर है,न रीडर ब्लॉग में.डेशबोर्ड पर न्यू पोस्ट वाला ऑप्शन खुलता है,तो सेव ड्राफ्ट का तथा पब्लिश का ऑप्शन नहीं आता.मैं कोई कम्प्यूटर विशेषज्ञ नहीं हूँ थोडा बहुत ही ज्ञान है कई घंटे लग जाते हैं,पब्लिश करने में पहले जीमेल पर लिखना पड़ता है,फिर यहाँ कोपी पेस्ट करने के बाद न एडिट हो पता है,न सेव समाधान कृपया शीघ्र करने का कष्ट करें.

के द्वारा: nishamittal

मान्यवर महोदय,जागरण जंक्शन पर मेरे नाम से एक पेज और बन गया है जिसमें जीरो पोस्ट और जीरो कमेन्ट लिखा आता है,जबकि मौलिक रूप से ७८ पोस्ट तथा सही कमेंटे की संख्या लिखी आती है,परन्तु जब मैं अपना नया ब्लॉग पोस्ट करना चाहती हूँ तो वहां मेरा पासवर्ड पूछा जाता है और सेव्ड होने पर भी गलत बता रहा है,इस कारण मैं पोस्ट नहीं कर पा रही हूँ.कृपया मेरी समस्या का समाधान करें.शायद दूसरा पेज बन जाने के कारण ऐसा हो रहा है. एक समस्या और आपने जितना स्थान प्रदान किया है वो ६८% भर चुका है,इसके बाद स्थान पूर्ण होने पर लेखन बंद करना होगा या फिर अतिरिक्त स्पेस आवंटित किया जाएगा.जब तक मेरी पहली समस्या का समाधान नहीं होगा मैं पोस्ट नहीं कर सकती.कृपया मेल से भी सूचित कर दें.जिससे ब्लॉग न खुलने पर मुझको आपका उत्तर मिल जाय,या फिर नया पासवर्ड प्रदान करें धन्यवाद. apoll

के द्वारा: nishamittal

पारुल जी, पहले आप होम पेज के आइकोन मेरा ब्लॉग को क्लिक कीजिये........ फिर अपना यूजर नेम और पासवर्ड टाइप कीजिये............. इस प्रकार आपका ब्लॉग खुल जायेगा.......... उसमे बाईं तरफ 1 . डेशबोर्ड आइकोन है. 2 . डेशबोर्ड के नीचे एक आइकोन है पोस्ट.............. इसमें Add New आइकोन को क्लिक कीजिये........ अब आपके सामने एक लाइन हैडिंग के लिए आ जाएगी जिसमे कर्सर ब्लिंक कर रहा होगा....... उसमे अपने लेख का हैडिंग टाइप कर दीजिये........... फिर tab दबा कर टेक्स्ट टाइप कर दीजिये............. लेकिन हैडिंग और टेक्स्ट टाइप करने से पहले नीचे type in के आगे Hindi को क्लिक कर दीजिये....... बाकी आप स्वयं करते करते सीख जायेंगी. अपने ब्लॉग को खोलने के लिए जैसे मैंने अपने ब्लॉग का एड्रेस नीचे दिया है......... उसे URL के रूप में टाइप कर दीजिये...... आपका ब्लॉग खुल जायेगा..... किन्तु इसे आप केवल पढ़ सकेंगी.......... एडिट करने के लिए आपको मेरा ब्लॉग में जाकर अपना user name और password टाइप करना पड़ेगा (जैसा ऊपर बताया है) आदित्य www.aditya.jagranjunction.com

के द्वारा: aditya

आदरणीय एस.पी. सिंह जी, आप जागरण जंक्शन मंच के निष्ठावान और प्रबुद्ध ब्लॉगर हैं इसलिए आपका इस तरह हताश होकर मंच का परित्याग करना शोभा नहीं देता. ब्लॉगिंग एक ऐसी विधा है जहॉ आप अपनी भावनाओं और अपने विचारों को दुनियां तक पहुंचाते हैं और इस क्रम में निंदा व आलोचना तथा सार्थक टिप्पणियां प्राप्त होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. दुनियां में अनेकानेक विचार एक साथ संक्रमण करते हैं और सहमति-असहमति चलती रहती है लेकिन इस दौरान आपके विचारों से हजारों लोग लाभांवित भी होते हैं. इसलिए आपका लिखना ज्यादा जरूरी होता है और यही लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम भी है. मंच हजारों पाठकों के हितों को देखते हुए आपसे ये अपेक्षा करता है कि आप आप अपने विचारों का निरंतर प्रसार करते रहेंगे और आने वाली बाधाओं पर विजय प्राप्त कर समाज के बड़े वर्ग को लाभ पहुंचाएंगे. धन्यवाद जागरण जंक्शन परिवार

के द्वारा: Feedback

सम्माननीय जागरण जंक्सन टीम, महोदय, प्रणाम, मैं पिछले लगभग एक वर्ष से आपके लोकप्रिय जागरण जंक्सन से जुड़ा रहा हूँ मैं लगभग ४४ पोस्ट लिखी है जिनको लोगो ने पसंद भी किया और नपसंद भी किया लेकिन, इन सब को होते हुए मैंने ऐसा महशूस किया की इस फोरम से जुड़े अधिसंख्य प्रबुद्ध पाठक-गण केवल एक चिर-परिचित विचार धारा के संवाद,लेख, टिप्पणी ही पसंद करते है अन्यथा अभद्र भाषा का प्रयोग करके हतोसाहित करने के प्रयास करते है - आपके फोरम के द्वारा मुझे सप्ताह का ब्लागर भी घोषित किया जा चूका है मेरी पोस्ट " मी लार्ड मैं बेकसूर हूँ " के लिए - लेकिन मैं आज भरे मन से इस मंच का त्याग कर रहा हूँ, आपसे प्रार्थना है की मेरे द्वारा पोस्ट की है सारी पोस्ट डिलीट कर दें, आपका धन्यवाद.!!!!!!!

के द्वारा: s.p.singh

के द्वारा: kanhaiya

आदरणीय एस.पी सिंह जी, आपसे प्रस्तुत संदेश का अर्थ समझने में भूल हुई है. जागरण जंक्शन मंच ने आपके ब्लॉग पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं लगाया है बल्कि आपके ब्लॉग पर आई श्री बैरागी जी की अशोभनीय टिप्पणी पर अपनी आपत्ति दर्ज़ कराई है. मंच ने आपसे उस टिप्पणी को हटाने का आग्रह किया और साथ ही यह भी जोड़ा कि यदि आप एक समय सीमा के भीतर उस टिप्पणी को नहीं हटाते तो मंच स्वयं उस टिप्पणी को हटा देगा. इसमें आपके ब्लॉग पोस्ट को हटाने की बात नहीं की गयी है और आपके ब्लॉग को पर्याप्त सम्मान देते हुए उसे फीचर्ड ब्लॉग का दर्ज़ा दिया गया है. फीडबैक में अपनी समस्या भेजने के लिए आपका आभार. धन्यवाद जागरण जंक्शन परिवार

के द्वारा: Feedback

आदरणीय महोदय/महोदया, सादर अभिवादन !! आपसे एक निवेदन करना चाहता हूँ कि किसी कमेंट को लिखते समय हमें जो कोड लिखना पड़ता है, उससे कई बार बहुत असुविधा का सामना करना पड़ता है | मुझे कोड से कोई दिक्कत नहीं है, सुरक्षा कारणों से यह बहुत जरूरी भी है | लेकिन दिक्कत तब होती है जब कोड को बार-बार डालना पड़ता है | कई बार तो एक कमेंट को पोस्ट करने के लिए भी 8-9 बार कोड डालना पड़ता है | हर बार पेज रिफ्रेश होने के बाद एरर आ जाता है | विगत कुछ दिनों से (जब से कोडिंग प्रणाली में अंग्रेजी वर्णमाला का समावेश हुआ है ) ये समस्या बढ़ ही गयी है | हर कमेंट के लिए कम से कम 12-15 बार कोड भरना पड़ रहा है | इसलिए अपने ब्लॉग पर किसी प्रतिक्रिया के प्रत्युत्तर में या किसी अन्य ब्लॉगर बंधु की किसी स्तरीय रचना पर कोई प्रतिक्रिया देने के लिए भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है | चूंकि मैं एक विद्यार्थी हूँ, सो आप मेरी समय की कमी की मजबूरी को समझ सकते हैं | जब किसी प्रतिक्रिया के लिए संभावित समय से 3-4 गुना अधिक समय लग जाता है तो मन में थोड़े निराशा के भाव आ जाते हैं | सारा समय-प्रबंधन गड़बड़ा जाता है | मैंने इस विषय में जे जे को ई-मेल भी किया था लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं मिला | कृप्या इस समस्या का जल्द से जल्द निवारण करें ताकि किसी भी रचना पर प्रतिक्रिया देने से पहले हज़ार बार सोचना न पड़े और फिजूल की समय-बर्बादी एवं असुविधा से बचा जा सके | आपसे त्वरित समाधान की आशा रहेगी | आपका अत्याभार…. संदीप कौशिक

के द्वारा: संदीप कौशिक

सम्मानीय जागरण जंक्सन सादर प्रणाम ! अपनी व्यक्तिगत व्यस्तता के कारण विगत कुछ दिनों से मैं जागरण मंच पर उपस्तिथ नहीं हो सका और कल जब मैंने अपने ब्लॉग पर Login किया तो मैं चौंक गया क्योंकि मेरे ब्लॉग पर कमेन्ट की संख्या २०० से ३०० तक बढ़ चुकी थी और सारे कमेन्ट किसी फर्जी नामों से किये जा रहे हैं अंग्रेजी भाषा मैं मेरी समझ मैं नहीं आ रहा आखिर ये कोई तकनीकी समस्या है या किसी की शरारत है ! फिर मैंने एक और चीज नोट की होम पेज पर लगातार इस प्रकार के कमेन्ट आ रहे हैं जिनका कोई अर्थ कम से कम मेरी समझ मैं तो नहीं आ रहा शायद मेरी ही तरह अन्य साथियों के ब्लोग्स पर भी ऐसे कमेन्ट किये जा रहे हों ! कृपया इस अचानक आई समस्या का समाधान करने की कृपा करें ! धन्यबाद !

के द्वारा: allrounder

आदरणीय एस.पी. सिंह जी, महोदय, आपकी जिज्ञासा उचित है और इसीलिए आपकी समस्या का समाधान सरल शब्दों में प्रस्तुत किया जा रहा है. "सूपड़ा साफ़ होना" मूल रूप से क्षेत्रीय शब्दावली है जिसे एक मुहावरे के रूप में प्रयुक्त किया जाता है. हिंदी के खड़ी बोली प्रारूप में ऐसे किसी मुहावरे का उल्लेख नहीं मिलता किंतु इसका चलन सामान्य बोलचाल में अकसर होता रहा है. इसका अर्थ है 'सिरे से साफ होना' यानि यदि कोई चीज पहले से अस्तित्व में हो लेकिन किसी कारणवश उसका अचानक लोप हो जाए तो उसके लिए 'सूपड़ा साफ़ होना' मुहावरे का प्रयोग किया जा सकता है. और यही कारण है कि इस शब्द समूह को असंसदीय नहीं माना जाता और मीडिया में जनसामान्य की भाषा के रूप इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता है. जागरण जंक्शन पर ब्लॉगिंग के लिए आपका आभार. धन्यवाद जागरण जंक्शन टीम

के द्वारा: Feedback

सम्मानित जागरण न्यूज     ब्लाग टीम द्वारा पांच राज्यों की चुनावी झांकी बहुत ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत की है जिसके लिए पुरी टीम बधाई की पात्र है ? आदरणीय बंधुओं मैं एक सेवा निवृत वरिष्ट नागरिक हूँ – चुनाव की हलचल बचपन से ही देखता रहा हूँ पहले समाचार पत्रों में फिर रेडियो के समाचार द्वारा अब मुख्या रूप से टी वी के द्वारा चुनाव प्रचार से लेकर परिणाम तक खूब गहमा गहमी रहती है ओपिनियन पोल से एक्सिट पोल तक की चर्चा होती है पर किसी पार्टी इतनी बुरी हार होती है की उसको एक दो सीट या एक भी सीट नहीं मिलती तो एक शब्द का प्रयोग किया जाता जैसे ======= “तमिलनाडु के पड़ोसी राज्य पुडुचेरी में आल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआइएनआरसी) और अन्नाद्रमुक गठबंधन ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया.” —- अब या तो यह कोई तीसरी दुनिया का शब्द है या यह पत्रकारों द्वारा बनाया गया है मेरी समझ में यह शब्द आज तक नहीं आया है – इस लिए मैं आपकी टीम से ही यह समझना चाहता हूँ की इस शब्द ” सूपड़ा साफ़ होना ” का शाब्दिक /वास्तविक व्याहारिक अर्थ क्या है क्या यह “संसदीय शब्द ” है – अगर उत्तर देंगे तो आपकी कृपा होगी – धन्यवाद.

के द्वारा: s.p.singh

प्रिय जागरण जंक्शन टीम, जागरण जंक्शन ने हिंदी ब्लॉगिंग को नई ऊँचाईयों तक पहुँचाने का महती प्रयास किया है इसके लिए जागरण जंक्शन टीम को साधुवाद व बधाईयाँ. जागरण जंक्शन से प्रायोजित ब्लॉग शृंखला हेतु मेरा एक प्रस्ताव है. मेरा एक सेल्फ मेड मित्र है. उसने पारंपरिक फर्नीचर व्यवसाय को त्याग कर ट्रांसपोर्टर बनना पसंद किया. वो 1982 का बीएससी मैथ्स पास है. मगर वह खुद अपना ट्रक स्वयं चलाता है. लंबी ड्राइव में उसे मजा आता है. उसने अपने ट्रक की बॉडी स्वयं बनाई. उसका ट्रक 1995 से चल रहा है और आज भी नए की तरह चल रहा है. साइंटिफ़िक तरीके से उसने इसे मेंटेन किया है. रूट पर भी वो अपनी ईमानदारी और समय व स्वयं के आराम की प्रतिबद्धता से चलता है, सिर्फ दिन में. मेरी योजना है कि मैं किसी एक लंबे ट्रांसपोर्ट ट्रिप में उसके साथ जाऊं. साथ में मैं ट्विटर, फेसबुक और ब्लॉगिंग से जुड़ा रहूंगा, और इस ट्रिप का आँखों देखा वर्णन करता रहूंगा. यदि इसे शुरू में पुश मिल जाए तो सेंसेशन बनने में देर नहीं लगेगी, और अच्छी खासी टीआरपी बटोर सकती है. इस ट्रिप पर ब्लॉग प्रकाशित करने के लिए मैं जागरण जंक्शन पर अपने ब्लॉग को प्राथमिक प्लेटफ़ॉर्म के रूप में प्रयोग करूंगा और दिन में न्यूनतम 2 ब्लॉग लिखूंगा, जिससे जाहिर है जागरण जंक्शन ब्लॉग को भी – यदि ये सिलसिला चल निकला – एक नया पुश मिलेगा. क्या खयाल है आपका? रवि-रतलामी

के द्वारा: रवि-रतलामी

इ-सभ्यता वरदान या अभिशाप एक दिन घर की दहलीज़ पर बैठा, तो बहुत शान्ति महसूस हुई, पर आज दहलीज पर बैठने से एसा क्या हुआ की विचार में परिवर्तन महसूस हुआ... मुझे लगा की मुझे वापस लौटना चाहिए, मै बहुत आगे आ चूका हूँ, अब तो अगर अपने कदम पीछे बड़ा भी लूँगा तो भी शायद वापस पहुचने में अगला जनम लग जाए, सारे कहानी किस्से अब छोटी छोटी कैसिटो तक सिमट कर रह गए थे, अभी हाल की ही बात है बगल वाले मिश्रा जी ने, अपने ३ साल के बेटे को वीडियो गेम लेकर दी और पूरे मोहल्ले में इसे कोलर उचा करके घूम रहे थे जैसे सरकार से गोल्ड मेडल मिला हो, छोटे से बच्चे की मानसिकता को हाई टेक बनाने में सबसे बड़ा योगदान माँ बाप का ही होता है, चाबी वाले खिलोने रिमोट की कारो में बदल जाते है, लोरी-अब मोबाइल की रिंगटोन बन जाती है, और प्लास्टिक की मोबाइल वाली पेंसिल रखने की डिब्बिया नहीं, अब सच के मोबाइल देखे जा सकते है सातवी आठवी के बच्चो की जेबों में चिट्टी और डाकिया तो बस दूर दराज के गाव में ही देखे जा सकते है, कविओ और लेखको की कलम भी अब चिट्ठी पत्री, पोस्टकार्ड से दूर हो चुकी है, शायद इन्टरनेट की सभ्यता ने हमारे जीवन पर कब्ज़ा कर लिया है, वो दिन गए जब बड़े गाव के पंडित बच्चा होने पर उसका नाम निकालने आते थे, उसका हल भी अब वो छोटे से डिब्बे में ही कैद है,कुंडली कालसर्प और शनि के ग्यानी भी अब बेरोजगार घूम रहे है. क्युकी सभी उपाय अब मुफ्त में इन्टरनेट पर उपलब्ध है, इ-राखी, इ-व्यवसाय, इ-मेल तक तो बात समझ आती थी,हद्द तो तब हो गयी जब मालूम चला की शिक्षा विभाग में अब शिक्षको का काम लगभग ख़तम होने की कगार पर है, पलवल के पास एक इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षको का काम अब छोटी चतो वि.सी.डी. में सिमट कर रह गया है, मोटी मोटी किताबे नहीं सिर्फ छोटी सी सी.डी लीजिये और घर बैठ कर पढ़िये, कही तक ये सब सही भी हो, पर कही ना कही ये बहुत ज्यादा गलत भी है, कही ये उन्नति कर रहा है, तो ये ही हमें अवनति के कुए में भी डाल रहा है. शर्मा जी कल ही बता रहे थे, उनका लड़का रात को 1 :30 बजे तक इन्टरनेट पर काम करता है, और सुबह 10 बजे उठ कर सबसे पहले अपना लैपटॉप चालू करता है, बाद में मुह धोने जाता है, ताकि जब तक वो मुह धो कर आये लैपटॉप काम करने के लिए चालू हो, कुछ पूछो तो कह देता है की \"पढ़ रहा हूँ. हमारी पढ़ाई ऐसे ही होती है, आप को नहीं पता पापा..\" पिछले ५ साल में इन्टरनेट पर अश्लील वेबसाइट्स की बहार सी आ गयी है, यहाँ तक भी भक्ति संगीत की वेबसाइट्स पर भी नीचे एक ऐड चलता रहता है, \" मै आपका इन्तजार कर रही हूँ, मेरे चैट कमरे में आइए, भाभी जैसे पावन शब्द को भी नहीं बक्शा, किसी शैतानी दिमाग ने सविता भाभी के नाम से ही वेबसाइट बना डाली और वो भी कार्टून का सहारा लेकर, कितने शर्म की बात है की जिस कार्टून को बच्चे टॉम एंड जेर्री के रूप में देखते थे वे ही कार्टून उसे अब अश्लील कृत्य सिखा रहे है, पीछे दुबे जी के यहाँ गया अपना बाओडाटा बनवाने बेटा घर पे था नहीं और दुबे जी को कंप्यूटर की ए,बी सी , डी भी ना आती, तो मैंने ही कंप्यूटर ऑन किया, सोचा एक नजर हिस्टरी पर भी मार लू, तो देखा वह अश्लील वेबसाइट्स की लड़ी लगी हुई थी, मै अपना काम ख़तम करके वापस आया तो दुबे जी पुछा बेटा कहा है, तो बोले :\" पढने गया है रात को भी पढ़ कर ढाई बजे सोया था,\" मै मन ही मन हँसा और चल दिया फिर अपने अकेले कमरे में ये सोचने की क्या बच्चो का ये बर्ताव, खिलवाड़ सही है, अगर नहीं तो कब और कैसे रुकेगा.. आपके जवाब के इन्तजार में................................प्रभात कुमार भारद्वाज\"परवाना\"..http://prabhatparwaana.blogspot.com/

के द्वारा: prabhat kumar bhardwaj

आप को कुछ झोला झाप ( quick) डाक्टारो के नाम पते देरहे है जिससे लोगो जो बहुत परेशानी है आप से अनुरोध है आप इनको हमारे i-nest में publish करे , और आप से जो हो सकता है आप करे -१. दयाल डेंटल नौबस्ता कानपूर २. dr tabassum siddiqui (machriya bazar,टेम्पो स्टैंड के पास ) यशोदा नगर कानपूर ३.अशोक डेंटल ( ballu ki चक्की के बगल में ,kabeer hospital के पास ,awasti medical store ke सामने yashoda nagar कानपूर 4. singh dental lab (dr. v.b.shrivastav के बगल में ,shukla medical store ke पास ,)white house yashoda nagar kanpur 5.DR. DK PANDEY (वाश्नावी आए eye hospital के सामने यशोदा नगर कानपूर ६.राम डेंटल लैब गोपाल नगर यशोदा नगर ७. राम डेंटल लैब ( shanti nikaten sweet के नीचे बसेमेंट में) kidwai nagar चोराहा ८. dr arun( bajranj chorahe ke pass,bajranj chorahe se sainik chorahe की ta रफ जाने पर ,आतुल hard ware ke पास )yashoda nagar kanpur 9. om dental ( dr arun ki तरफ से sainik चोराहे की तरफ जाने पर bazar में)yashoda nagar kanpur 10. indra dental bakar ganj eedgah ke पास ईदगाह के पास (char rath chorahe ke pass) 11

के द्वारा: arun

आप को कुछ झोला झाप ( quick) डाक्टारो के नाम पते देरहे है जिससे लोगो जो बहुत परेशानी है आप से अनुरोध है आप इनको हमारे i-nest में publish करे , और आप से जो हो सकता है आप करे -१. दयाल डेंटल नौबस्ता कानपूर २. dr tabassum siddiqui (machriya bazar,टेम्पो स्टैंड के पास ) यशोदा नगर कानपूर ३.अशोक डेंटल ( ballu ki चक्की के बगल में ,kabeer hospital के पास ,awasti medical store ke सामने yashoda nagar कानपूर 4. singh dental lab (dr. v.b.shrivastav के बगल में ,shukla medical store ke पास ,)white house yashoda nagar kanpur 5.DR. DK PANDEY (वाश्नावी आए eye hospital के सामने यशोदा नगर कानपूर ६.राम डेंटल लैब गोपाल नगर यशोदा नगर ७. राम डेंटल लैब ( shanti nikaten sweet के नीचे बसेमेंट में) kidwai nagar चोराहा ८. dr arun( bajranj chorahe ke pass,bajranj chorahe se sainik chorahe की ta रफ जाने पर ,आतुल hard ware ke पास )yashoda nagar kanpur 9. om dental ( dr arun ki तरफ से sainik चोराहे की तरफ जाने पर bazar में)yashoda nagar kanpur 10. indra dental bakar ganj eedgah ke पास ईदगाह के पास (char rath chorahe ke pass) 11.

के द्वारा: arun

आप को कुछ झोला झाप ( quick) डाक्टारो के नाम पते देरहे है जिससे लोगो जो बहुत परेशानी है आप से अनुरोध है आप इनको हमारे i-nest में publish करे , और आप से जो हो सकता है आप करे -१. दयाल डेंटल नौबस्ता कानपूर २. dr tabassum siddiqui (machriya bazar,टेम्पो स्टैंड के पास ) यशोदा नगर कानपूर ३.अशोक डेंटल ( ballu ki चक्की के बगल में ,kabeer hospital के पास ,awasti medical store ke सामने yashoda nagar कानपूर 4. singh dental lab (dr. v.b.shrivastav के बगल में ,shukla medical store ke पास ,)white house yashoda nagar kanpur 5.DR. DK PANDEY (वाश्नावी आए eye hospital के सामने यशोदा नगर कानपूर ६.राम डेंटल लैब गोपाल नगर यशोदा नगर ७. राम डेंटल लैब ( shanti nikaten sweet के नीचे बसेमेंट में) kidwai nagar चोराहा ८. dr arun( bajranj chorahe ke pass,bajranj chorahe se sainik chorahe की ta रफ जाने पर ,आतुल hard ware ke पास )yashoda nagar kanpur 9. om dental ( dr arun ki तरफ से sainik चोराहे की तरफ जाने पर bazar में)yashoda nagar kanpur 10. indra dental bakar ganj eedgah ke पास ईदगाह के पास (char rath chorahe ke pass) 11. बाकि कल

के द्वारा: arun

JJ Blog के द्वारा April 11, 2011 प्रिय डैनियल जी, महोदय, आपको विदित हो कि जागरण जंक्शन ब्लॉगिंग मंच यहॉ पर किसी भी प्रकार की मिशनरी गतिविधि को चलाने की इजाजत नहीं देता है. आप यहॉ विविध सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक या समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार जारी कर सकते हैं किंतु किसी विशेष मनोदशा से युक्त होकर इस मंच को धार्मिक प्रचार का माध्यम ना बनाएं. धन्यवाद जागरण जंक्शन टीम ****************************************************************** आदरणीय महोदय /महोदय ! आज पहली बार आपने त्वरित और उचित कदम उठाया है , इसकी जितनी भी सराहना की जाए वोह कम ही होगी ….. मैं तो कहता हूँ की सभी ब्लागरो के लिए किसी भी धर्म पर लेख लिखना और टिप्पणी करना वर्जित होना चाहिए , इस बात को स्पष्ट रूप से सभी ब्लागरो को बता देना चाहिए ….. और “ब्लागिंग पर प्रतिबंध” में भी तो इस बात का व्यापक रूप से ज़िक्र है , शायद इसीलिए आपने भी आज हम सभी ब्लागरो के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह कारगर कदम उठाया है ….इसके लिए आपको साधुवाद व् बधाई

के द्वारा: Rajkamal Sharma

प्रिय रमेश बाजपेयी जी, महोदय, कभी- कभार इस तरह की समस्या अस्थाई रूप से किसी ब्लॉग पोस्ट को प्रकाशित करते समय उपस्थित होती है. इसलिए आप बताए जा रहे उपाय को करके देखें और यदि तब भी आपकी समस्या का निदान नहीं होता तो आप पुनः संपर्क कर सकते हैं. 1. कूकीज और अन्य टेम्परेरी फाइल्स को डिलीट कर दें. 2. अपने ब्लॉग में लॉग इन करें. 3. अब विजुअल करके अपना ब्लॉग पोस्ट करें. 4. यदि तब भी समस्या नहीं सॉल्व होती है तो आप टाइनी सेटिंग्स को चेक करें. यहॉ आप अपनी मनमर्जी से फीचर सेट करके फिर अपने एडिटर पर मौजूद पोस्ट को देखें. पहले आप सुझाए गए तरीके को लागू करके देख लें, यदि समस्या फिर भी नहीं सुलझती है तो अवश्य बताएं. धन्यवाद जागरण जंक्शन टीम

के द्वारा: Feedback

के द्वारा: Feedback

पांडेय जी, मैंने अपने लाग पेज का अवलोकन कर आप के द्वारा दी गई जानकारी को सही पाया । परन्तु यह सोचकर परिवर्त्तन करना उचित प्रतीत नहीं हुआ, कि एक या कुछ व्यक्तियों द्वारा अपनी व्यवस्था परिवर्तित कर लेने से बहुत सारी भ्रांतियां होंगी । आदतन प्रतिक्रिया पोस्ट करने के बाद लोग ऊपर की जांच से ही पुष्टि करते हैं कि उनकी प्रतिक्रिया पोस्ट हो पाई अथवा नहीं । सिर्फ़ एक व्यक्ति के सेटिंग बदलने से लोग भ्रमवश नीचे देखने की बजाय दोबारा तिबारा टिप्पणी लिखने लगेंगे । इसलिये या तो इस व्यवस्था को प्रबंधन के स्तर से पूरी साइट पर एकरूपता के साथ घोषित करते हुए लागू करना उचित होगा, अन्यथा जिस प्रकार चल रहा है, वैसे ही चलने दिया जाय । धन्यवाद ।

के द्वारा: आर.एन. शाही

के द्वारा: himanshu

'जाज' जी , जय हिंद ! मेरा तकनीकी और आंग्ल भाषा दोनों का ज्ञान इतना नहीं है कि मैं किसी कमी कि ओर इशारा कर सकूं . कमोवेश यही स्थिति अन्य हिंदी ब्लॉग लेखकों की भी होगी .{क्योंकि अंगरेजी पर अधिकार होता तो अरुंधती रॉय बनने की कोशिश करते } यदि सरल हिंदी मैं ब्लागरों की सीमित तकनीकी दक्षता को दृष्टिगत रखते हुए मदद का विकल्प उपलब्ध हो सके तो अति उत्तम होगा . वैसे मैं, मेरे जाज रीडर ब्लॉग पर, मेरी शैली में, आज ही इसकी शुरुआत करने जा रहा हूँ ! पिछले ३६ घंटे के टॉप टेन फीचर ब्लॉग देख मन प्रसन्न है , जाज जैसे मंच पर सम्पादकीय निर्णय स्तरीय होना आवश्यक है . आशा है जाज पूर्वाग्रह रहित रहकर, आगे भी स्तरीय रचनाओं को प्रोत्साहन जारी रखेगा .

के द्वारा: charchit chittransh

आपके द्वारा हर बार यही कहा जाता है की किसी भी ब्लॉग को फीचर्ड ब्लॉग की श्रेणी में रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाता है. 1. ब्लॉग पोस्ट उपयोगी और उसका कंटेंट मौलिक हो. 2. ब्लॉग पोस्ट की सामग्री का कोई भी अंश किसी अन्य स्थान से नहीं लिया गया हो. 3. किसी व्यक्ति, समुदाय, समाज पर व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी ना की गयी हो. 4. कई बार कुछ मनोरंजक पोस्टों को भी फीचर्ड किया जाता है. 5. बेहतर प्रस्तुति और इमेज वाले पोस्टों को भी फीचर्ड होने का अवसर मिल सकता है. 6. कोई भी रचना फीचर होने योग्य है या नहीं इसका निर्णय संपादकीय विवेकाधिकार के तहत किया जाता है. पर जब आपके द्वारा फीचर्ड किये ब्लॉग और उन ब्लॉग जो की छोड़ दिए गए को देखा जाता है तो साडी पोल खुल जाती है ! राजकमल जी के कई ब्लॉग फीचर्ड नहीं होते! जबकि कई उनके साथ लिखे व्यर्थ के लेख भी फीचर्ड हो जाते हैं! तो आप बार बार भले कितनी सफाई दें पर कोई लाभ नहीं है! और यहाँ ये सब जानते हैं की आप भी पक्षपात पूर्ण रवैया रखते हैं!

के द्वारा: Kaushal

के द्वारा: Kamalesh kumar yadav

प्रिय बैजनाथ पाण्डेय जी, महोदय, आपको विदित हो कि आपकी वह सभी रचनाएं जो फीचर्ड होने योग्य थीं वे फीचर्ड ब्लॉग की श्रेणी में रखी गयी हैं. किंतु कोई भी ऐसी रचना जो एक बार फीचर हो जाती है उसे दुबारा बिना किसी विशेष कारण के फीचर नहीं किया जाता. हॉ, यदि दुबारा प्रकाशित कोई रचना किसी विशेष कारण से संपादक मंडल के निर्णय के अनुसार फीचर की जानी चाहिए तो अवश्य की जाती है. आपके पूछे गए प्रश्न के संदर्भ में जवाब क्रमवार दिए जा रहे हैं ताकि हमारे सभी पाठकों के संदेहों का निराकरण हो सके: किसी भी ब्लॉग को फीचर्ड ब्लॉग की श्रेणी में रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाता है. 1. ब्लॉग पोस्ट उपयोगी और उसका कंटेंट मौलिक हो. 2. ब्लॉग पोस्ट की सामग्री का कोई भी अंश किसी अन्य स्थान से नहीं लिया गया हो. 3. किसी व्यक्ति, समुदाय, समाज पर व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी ना की गयी हो. 4. कई बार कुछ मनोरंजक पोस्टों को भी फीचर्ड किया जाता है. 5. बेहतर प्रस्तुति और इमेज वाले पोस्टों को भी फीचर्ड होने का अवसर मिल सकता है. 6. कोई भी रचना फीचर होने योग्य है या नहीं इसका निर्णय संपादकीय विवेकाधिकार के तहत किया जाता है. जागरण जंक्शन पर ब्लॉगिंग के लिए आपका आभार. धन्यवाद जागरण जंक्शन टीम

के द्वारा: Feedback

हम सभी भारतीयों के मन मै यही सवाल उठ रहा होगा की काश कल भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया मैच भारत जीत जाता , काश हरभजन ने वो कैच ले लिया होता ? अम्पायर ने कोलिंगवुड को आउट दे दिया होता ? कोहली ने वो कैच पकड़ लिया होता ? काश भारतीय खिलाडियों ने २० रन और बनाये होते ? काश पियूष के ओवर मै सिक्स न पड़ा होता , या मुनाफ पटेल के ओवर मै सिक्स न पड़ा होता , इन् सभी सवालो के सन्दर्भ मै मुझे पंजाबी की एक कहावत याद आती है जिसका हिंदी मै मतलब होता है ...अगर चाची के मूछे होती तो उसे चाचा कहता / क्या हम इस ड्रा मैच से इंलिश खिलाडियों के जबरदस्त प्रदर्शन की तारीफ नहीं कर सकते , क्या इस मैच के पहले वर्ल्ड कप मै किसी टीम ने इस तरह से रन चेस किया है ,किस तरह का दबाव इंग्लिश खिलाडियों पर होगा जहा ४०,००० हज़ार दर्शक आपके ३३८ जैसा पहाड़ जैसा लक्ष्य आपे सर पे और इस परिस्थिति मै इंग्लिश खिलाडियों का मन मोह लेने वाला प्रदर्शन काबिले तारीफ़ होना चाहिए / हम सभी को इश्वर का शुक्रगुजार होना चाहिए जो हम ये मैच ड्रा करने मै सफल रहे / ये क्रिकेट की जीत है हमे बड़े दिल के साथ इस निर्णय का सम्मान करना चाहिए / आपका विजय भान सिंह श्री नगर कानपुर

के द्वारा: vijay bhan singh

महोदय/महोदया, जैसा की आपने भी देखा होगा, सभी लेखकों के मन में फीचर होने का बड़ा महत्त्व होता है. बाद में जब और लेख फीचर होते हैं तो उनकी रचना फीचर्ड वाले स्थान से हट जाती है. कितना अच्छा हो कि बाद में भी फीचर्ड ब्लोग्स की श्रेणी वाली रचनाओं को ढूंढा जा सके, और ढूँढने वालों को ऐसी रचनाएं फीचर्ड टैग के साथ दिखें. यदि रचनाओं को टैग के साथ दिखाने में दिक्कत हो तो कम से कम एक ऐसी सूची ही उपलब्ध हो जो लेखक, रचना का शीर्षक, प्रकाशन तिथि आदि के साथ फीचर्ड ब्लग्स की सूचना दे सके. यदि आप JJ पर ऐसी कोई सुविधा दे सकें तो मुझे लगता है कि सभी लेखक गण आपके आभारी होंगे. चूंकि आपका सम्पादकीय दल भी फीचर्ड ब्लोग्स को चुनने में श्रम करता है, इस सुविधा से उनके इस बहुमूल्य योगदान को भी संजो कर रखा जा सकेगा.

के द्वारा: rajeev dubey

के द्वारा: R K KHURANA

के द्वारा: nishamittal

के द्वारा: kumar

के द्वारा: arun pratap

हिंदी दिवस पर -- राष्ट्रभाषा -- देश की विडम्बना ये हिंद देशवासी आज निज राष्ट्रभाषा के दिवस हैं मन रहे हिंदी का दिवस कम हिंदी पखवाडा छोड़ हिंदी का बरस हिन्दवासी हैं मन रहे लाज नहीं आती आज कहते हुए इन्हें हिंदी में हो काम तो इनाम होना चाहिए पाँच दस साल कर आधी सदी बीत गई काम अंग्रेजी में हराम होना चाहिए हिंद देश के निवासी बोलते हैं अंग्रेजी इतना न हमें बेईमान होना चाहिए बदला चुकाना हो गुलामी का अगर हमें अंग्रेजी हिंदी की गुलाम होना चाहिए राष्ट्र ध्वज , राष्ट्रगीत , राष्ट्रचिंह अपना है राष्ट्रभाषा अपनी जुबान होना चाहिए शैली , कीट ,मिल्टन कितना ही लिख डालें सूर , मीर, तुलसी महान होना चाहिए छोटी बड़ी बहने हैं कितनी भाषाएँ यहाँ हिंदी को ही माता का सम्मान होना चाहिए राज्य , प्रान्त , देश की सीमाएं सभी लाँघ कर हिंदी का तो सारा ये जहाँ होना चाहिए गुणों की हैं खान इस देश की भाषाएँ सभी हिंदी उन सबमे महँ होना चाहिए हिंद की है माटी यहाँ , हिंद का है पानी यहाँ अंग्रेजी में न कोई कम होना चाहिए राष्ट्रभाषा का चितेरा यू एन ओ में हिंदी बोले अटल सा नेता ही महँ होना चाहिए रूस , चीन , कोरिया , जापान की भाषाए निज हिंद की भी हिंदी पहचान होना चाहिए भारती क भाल पे चमक रही बिंदिया सी उसी हिंदी भाषा को प्रणाम होना चाहिए बात जहाँ आन की या देश के सम्मान की हो हिंदी पे ये जान कुर्बान होना चाहिए आसमां पे विश्व के तिरंगा लहराना हो तो हिंदी पे ही हमें स्वाभिमान होना चाहिए . जयहिन्द

के द्वारा: prakash chandra

जागरण जंक्शन के सभी कर्मयोगियों को मेरी तरफ से प्रणाम। बस मुझकों एक ही कष्ट है..कि हर लेख के हर एक शब्द और अक्षरों के बीच बिन बुलाए मेहमान के रूप में आए गोले की है। इससे जहां पर पठनीय आलेख को पढ़कर समझने में परेशानी होती है..वही पर क्रमबद्धता टूटती रहती है, जिससे इसका मजा किरकिरा हो जाता है। अच्छा हो कि शब्दों के बीच घुस आए इन जीरो जैसे दुश्मनों पर अंकुश लगे। इसके अलावा मैंने अपना एक ब्लाग बनाया था, लेकिन पासवर्ड भूल जाने की वाक्य के साथ ही मेरा मन चाहा ब्लाक कहीं गुम हो गया है। अगर इसो किसी तरह से पा सकू तो यह मेरे लिए बहुत ही सौभाग्यशाली होगा। इसका हर अंश प्रसंशनीय है। अक्सर यह भी हो रहा है कि जब मैं कोई प्रतिक्रिया पोस्ट करता हूं तो क्यों नहीं दृष्टिगोचर होती है। ऐसी ही कुछ छोटी मोटी समस्याएं है।

के द्वारा: Ashok Singh Bharat Dainik Jagran

हे प्रिय जागरण जक्शन के प्रिय प्रिय प्रिय बंधुओ क्या आप मेरी समस्या को दूर करने में intrested नहीं है अर्थार्त मैंने आपसे पहले तो पूछा था की शब्दों में लिंक कैसे दिया जाए जिसका जवाब आपने नहीं दिया लेकिन कोई बात नहीं अब शब्दों में लिंक देना तो मैं सीख चुकी हूँ जो की अन्य वेबसईट के मुकाबले थोडा सा मुश्किल था परन्तु कैसे भी करके ये ज्ञात कर लिया ! लेकिन जो मेरी दूसरी परेशानी है वो ये है की मेरे ब्लॉग पर आने वाले कमेन्ट मेरी इ मेल आई डी में नहीं आते जिससे मुझे पता ही नहीं चलता की कोई कमेन्ट आया या नहीं और इस वजह से मुझे अपना ब्लॉग बार-बार खोलना पढ़ता है जो की थोड़ी परेशानी देता है ! अब इस परेशानी को तो आप बंधू जन ही हल कर सकते है तो कृपया ये बताये की ये परेशानी कब तक दूर होगी ! अरे, छोटा या बड़ा ही सही लेकिन कोई आश्वासन तो दो की ये परेशानी कब दूर होगी ! क्यों सरकारी कारालायो की तरह चक्कर कटवा रहे हो !

के द्वारा: soni garg

महोदय, मेरा एक लेख “लाल किताब के सिद्ध टोटके” इसी मंच पर प्रकाशित हुआ था ! उससे बहुत से सदस्यों ने लाभ उठाया ! सभी सदस्यों की मांग पर मैंने अपना दूसरा लेख 10 अगस्त 2010 को “लाल किताब के सिद्ध टोटके – 2 ” प्रकाशित किया ! मेरे उसी लेख को होबहू उठाकर किसी कौशल पाण्डेय फोन नंबर 09310134773 ने 16 अगस्त को इसी मंच पर पोस्ट कर दिया है ! उनका दूसरा लेख कालसर्प योग वाला भी मुझे चुराया हुआ लगता है ! कृपया देखिये यह क्या मजाक है ! यह क्या है नक़ल की एक और मिसाल ! ऐसी शर्मनाक हरकत करने पर आप कृपया कोइ कदम उठायें तथा प्रार्थना है की ऐसे सदस्य की सदस्यता समाप्त कर दी जय तथा उसे कोइ भी लेख पोस्ट करने का अधिकार न दिया जय ! राम कृष्ण खुराना

के द्वारा: R K KHURANA

के द्वारा: anil

श्री राम कृष्ण खुराना जी नमस्कार , आप के माध्यम से में निवेदन कर रहा हु,कि आप अपना अमूल समय के कुछ पल मुझे दे. मेने देश के हित में कुछ ऐसा तरीका सोचा है जो १००% सही है,जिसके लागू होने से भारत विश्व का न . १ होगा .जिसके निम्न शुभ परिणाम होगे .जेसे आतंकबाद का मिटना,कालाबाजारी, जमाख्होरी , बेईमानी , टैक्स चोरी ,लुट पाट , नकली नोट ,शराब खोरी ,महगाई ,मिलाबट खोरी , न. 2 के कारोबार दादागिरी ,फिरोती , झगड़े,हत्याए ,रिश्वतखोरी ,भ्रटाचार जेसे सभी विषय मिट जायेगे सिर्फ शांति ही शांति और विश्व बाज़ार में रुपये का मूल्य डालर से अधिक हो जायेगा , पेटोलियम सामान बहुत सस्ते हो जायेगे जेसे पेट्रोल 5 .00 लीटर गेस टंकी 50 .00 , इनकम टैक्स मात्र 0.5 % इन सब को होने में शासन को कड़े नियम भी नही बनाना है न ही चौकसी करना है न हर जगह केमरे लगाना है , सिर्फ नोट के चलन का तरीका बदलना है. कृपया निम्न न . पर काल करे . 09300858200 madan gopal brijpuria kareli m.p.

के द्वारा: madangopalbrijpuria

के द्वारा: Prabhat Rawat 'Aditya'

आदर सहित जागरण समूह प्रणाम aapne जनता को इन्टरनेट पर ये नया मंच के लिए बधाई क्यूंकि ये बहुत जादा प्रशान्शिये कार्य आपके द्वारा हुआ है जनता की आवाज़ जनता अपनों और सबतक एक खुले मंच पर प्रकट कर सकती है मैंने भी अभी तक दो अपने मनन के विचार प्रकट किये हैं परन्तु मुझे ये ज्ञात नहीं हो पा रहा है की क्या सभी के द्वारा बेह्जे हुए विचार आपके मंच पर प्रकाशित होंगे और जिन पर अन्य लोग अपने विचार प्रकट करेंगे.........या केवल चुनिन्दा प्रविष्टियों को सामने प्रकाशित किया जाएगा . मैंने एक कविता जो गरीबों पर लिखी थी और एक लेख बीमा सम्बंधित जेनेरल डिब्बा के अंतर्गत प्रेषित किया है kripa कर मेरा उचित मार्ग धर्षण करें की main kis prakaar se लेख , कविता या अपने मनन के bhaawon को kis prakaar sab तक pahucha sakun . MAUN SHAKTI BLOG................... MANN KE VICHAAR HAIN BHAU............

के द्वारा: piyush

के द्वारा: RAJU PRAJAPATI




  • ज्यादा चर्चित
  • ज्यादा पठित
  • अधि मूल्यित

अन्य टैग

Archives